ग़ाज़ा पट्टी में लगभग 42 हज़ार लोग ऐसे घावों के साथ जी रहे हैं, जिन्होंने उनके जीवन को बदल कर रख दिया है. इनमें 10 हज़ार से अधिक बच्चे हैं. यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य मामलों के लिए यूएन एजेंसी के अनुसार, स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था निरन्तर बोझ से जूझ रही है और बेहाल है. भूख व गम्भीर कुपोषण के बीच वहाँ 55 हज़ार गर्भवती महिलाएँ फँसी हुई हैं और बड़ी संख्या में महिलाएँ बिना किसी कुशल स्वास्थ्यकर्मी के ही बच्चों को जन्म दे रही हैं.
Leave a Reply