‘Sunscreen कोई सौन्दर्य का मामला नहीं, बल्कि एक मौलिक मानवाधिकार’

ज़रा सोचें, अगर धूप की हानिकारक किरणों (UV Rays) से बचाने वाली हमारी त्वचा ढाल प्रभावित हो जाए तो हमारा स्वास्थ्य व जीवन किस तरह प्रभावित होंगे. ऐल्बीनिज़्म (Albinism) यानि रंगहीनता से पीड़ित लोगों की यही वास्तविकता है, जहाँ धूप की हर किरण, उनके जीवन को और अधिक ख़तरनाक बना देती है. ऐसे में WHO द्वारा, त्वचा को सूर्य की पराबैंगनी किरणों से बचाने वाले Sunscreen पदार्थों को, आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल करना, उनके लिए आशा की एक नई किरण है.

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