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  • कम वज़न या मोटापा, दोनों ही गम्भीर स्वास्थ्य व आर्थिक चुनौतियाँ, कैसे निबटें

    ये बड़े अचरज की बात है कि दुनिया में करोड़ों बच्चे ऐसे हैं जिन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए भरपेट भोजन मयस्सर नहीं है, जबकि दूसरी तरफ़ बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो अत्यधिक मात्रा में भोजन या अस्वस्थ भोजन ग्रहण करने के कारण मोटापे की चपेट में हैं.

  • WHO: ‘वैश्विक महामारी तैयारी सन्धि’ के रास्ते में बाधाओं को दूर करना की पुकार

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने देशों से, वैश्विक महामारी सन्धि को अन्तिम रूप देने में आने वाली शेष बाधाओं को दूर करने की पुकार लगाई है.

  • ‘Sunscreen कोई सौन्दर्य का मामला नहीं, बल्कि एक मौलिक मानवाधिकार’

    ज़रा सोचें, अगर धूप की हानिकारक किरणों (UV Rays) से बचाने वाली हमारी त्वचा ढाल प्रभावित हो जाए तो हमारा स्वास्थ्य व जीवन किस तरह प्रभावित होंगे. ऐल्बीनिज़्म (Albinism) यानि रंगहीनता से पीड़ित लोगों की यही वास्तविकता है, जहाँ धूप की हर किरण, उनके जीवन को और अधिक ख़तरनाक बना देती है. ऐसे में WHO द्वारा, त्वचा को सूर्य की पराबैंगनी किरणों से बचाने वाले Sunscreen पदार्थों को, आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल करना, उनके लिए आशा की एक नई किरण है.

  • संक्षिप्त: योरोप में विदेश प्रशिक्षित चिकित्साकर्मियों पर बढ़ती निर्भरता, नवाचार में स्विट्ज़रलैंड शीर्ष पर

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को चेतावनी जारी की है कि दक्षिणी और पूर्वी योरोपीय देशों में बड़ी संख्या में डॉक्टर और नर्स, काम करने के लिए अन्य देशों का रुख़ कर रहे हैं, जिससे उनके मूल देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है. वहीं, विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, नवाचार के क्षेत्र में स्विट्ज़रलैंड दुनिया भर में पहले स्थान पर है.

  • UNGA80: मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को, वैश्विक एजेंडे में शीर्ष प्राथमिकता

    मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को, इस वर्ष यूएन महासभा की आधिकारिक बैठक में मुख्य विषय बनाया गया है. 25 सितम्बर, गुरूवार को होने वाली इस बैठक में विश्व नेताओं से ऐसे सिद्धान्तों पर सहमति की उम्मीद है, जो पीड़ितों की मदद के लिए वैश्विक कार्रवाई को बढ़ावा देंगे.

  • HIV की रोकथाम के लिए नया किफ़ायती इंजेक्शन

    एचआईवी की रोकथाम के लिए नया इंजेक्शन लेनाकैपाविर, 120 निम्न व मध्यम आय वाले देशों में, वर्ष 2027 से 40 अमेरिकी डॉलर में उपलब्ध होगा. यह घोषणा Unitaid, डॉक्टर रेड्डीज़ लैबोरैट्रीज़, Clinton Health Access Initiative (CHAI) और Wits RHI की नई साझेदारी के तहत हुई. Gilead Sciences द्वारा विकसित लेनाकैपाविर, साल में दो बार दिया जाने वाला इंजेक्शन है, जो एचआईवी की रोकथाम में बहुत प्रभावी साबित हुआ है. एक वीडियो…

  • ग़ाज़ा: भोजन पकाने के लिए प्लास्टिक जलाने को विवश महिलाएँ, बढ़ रहे हैं साँस के रोग

    ग़ाज़ा में डॉक्टरों ने साँस रोगों के मामलों में तेज़ी से बढ़ोत्तरी होने की चेतावनी दी है. इसकी वजह कई परिवारों का बुनियादी ज़रूरतों से वंचित होना है. दरअसल, वे भोजन पकाने और गर्माहट के लिए प्लास्टिक और गत्ते जलाने पर मजबूर हैं. डॉक्टरों के मुताबिक़, अगर जीवनरक्षक दवाओं, ईंधन और भोजन को इस तबाह इलाके़ में पहुँचाने की अनुमति नहीं दी गई, तो हालात और भी गम्भीर हो सकते हैं.

  • ग़ाज़ा: बमबारी, भूख व गम्भीर कुपोषण के बीच फँसी हैं 55 हज़ार गर्भवती महिलाएँ

    ग़ाज़ा पट्टी में लगभग 42 हज़ार लोग ऐसे घावों के साथ जी रहे हैं, जिन्होंने उनके जीवन को बदल कर रख दिया है. इनमें 10 हज़ार से अधिक बच्चे हैं. यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य मामलों के लिए यूएन एजेंसी के अनुसार, स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था निरन्तर बोझ से जूझ रही है और बेहाल है. भूख व गम्भीर कुपोषण के बीच वहाँ 55 हज़ार गर्भवती महिलाएँ फँसी हुई हैं और बड़ी संख्या में महिलाएँ बिना किसी कुशल स्वास्थ्यकर्मी के ही बच्चों को जन्म दे रही हैं. 

  • दुनिया भर में 1.2 अरब लोगों को तम्बाकू सेवन की लत, WHO

    दुनिया में धूम्रपान के सेवन में वैसे तो कमी आई है, लेकिन तम्बाकू सेवन की लत की महामारी अब भी ख़त्म होती नज़र नहीं आ रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट कुछ ऐसे ही चिन्ताजनक आँकड़े दिखाती है, जिनके अनुसार, दुनिया भर में, हर पाँच में से एक वयस्क, तम्बाकू का सेवन करते हैं, जिससे हर साल लाखों लोगों की मृत्यु हो जाती है, जबकि इन मौतों को टाला जा सकता है.

  • ग़ाज़ा: अमेरिकी शान्ति योजना पर सहमति बनने पर, यूएन का विशाल सहायता अभियान ‘तैयार’

    संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा है कि ग़ाज़ा में शान्ति बहाल करने के लिए, आने वाले दिनों में अमेरिकी शान्ति योजना पर सहमति बनने की स्थिति में, वहाँ यूएन सहायता दल अकाल, व्यापक भुखमरी और कुपोषण को कम करने के लिए, हज़ारों टन सहायता सामग्री पहुँचाने के लिए “तैयार” हैं.