भारत के वैक्सीन भंडार से लेकर इंडोनेशिया के सुदूर द्वीपीय क्लीनिकों तक, एक शान्त डिजिटल क्रांति सीमाओं के पार स्वास्थ्यकर्मियों के बीच एक नया नाता जोड़ रही है. भारत में विकसित eVIN (Electronic Vaccine Intelligence Network), अब इंडोनेशिया में SMILE प्रणाली के रूप में नई जान फूँक रहा है. ये प्रणाली एक ऐसी डिजिटल जीवनरेखा बन गई है, जो वैक्सीन, दवाओं और आवश्यक आपूर्ति की वास्तविक समय में निगरानी करती है.
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ग़ाज़ा: जर्जर स्वास्थ्य प्रणाली के पुनर्निर्माण की लागत सात अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान
ग़ाज़ा में पिछले दो वर्ष से जारी हिंसक टकराव से स्वास्थ्य व्यवस्था को भीषण क्षति पहुँची है, जिसे फिर से खड़ा करने के लिए विशाल स्तर पर प्रयासों और धनराशि की आवश्यकता होगी. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक अनुमान के अनुसार, मानवीय सहायता अभियान जारी रखने और दीर्घकालिक पुनर्निर्माण प्रयासों की क़ीमत सात अरब डॉलर तक पहुँच सकती है.
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योरोप में स्वास्थ्यकर्मी मानसिक संकट में, हिंसा और असुरक्षित हालात बढ़ा रहे दबाव
योरोप में 10 में से कम से कम एक डॉक्टर आत्मघाती या आत्म हत्या करने के विचारों का सामना कर रहे हैं. WHO के एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि योरोप में डॉक्टर और नर्स लगातार तनावपूर्ण व असुरक्षित परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गम्भीर असर पड़ रहा है.
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अपना असर खो रही हैं आम एंटीबायोटिक दवाएँ, WHO की चेतावनी
विश्व भर में, 2023 में बैक्टीरिया की वजह से होने वाले हर छह में से एक संक्रमण पर एंटीबायोटिक दवाएँ बेअसर साबित हुईं और ऐसी बीमारियों का ठीक से इलाज कर पाना कठिन होता जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को अपनी एक नई रिपोर्ट में ख़तरनाक बैक्टीरिया में एंटीबायोटिक के विरुद्ध विकसित हो रही प्रतिरोधक क्षमता का चिन्ताजनक रुझान साझा किया है.
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संक्षिप्त: मालदीव में स्वास्थ्य मोर्चे पर बड़ी सफलता, हेती में भूख से बदहाल आम नागरिक
मालदीव पहला ऐसा देश बन गया है जहाँ माँ से बच्चे में होने वाले एचआईवी, सिफ़लिस और हेपेटाइटिस बी, इन तिहरे संक्रमणों का उन्मूलन करने में सफलता मिली है. उधर, हेती में विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि महिलाओं, बच्चों और विस्थापित परिवारों को भूख व कुपोषण का दंश झेलना पड़ रहा है
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हर वर्ष, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से 1.1 करोड़ मौतें, तुरन्त देखभाल उपायों पर बल
विश्व भर में तंत्रिका सम्बन्धी विकारों (neurological disorder) की वजह से हर वर्ष 1.1 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है, मगर इसके बावजूद, केवल 63 देशों में ही इस स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय नीति मौजूद है.
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ग़ाज़ा युद्धविराम एक ‘जीवन रेखा’ मगर वहाँ के अस्पताल अब भी जर्जर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने आगाह किया है कि ग़ाज़ा में युद्धविराम की नाज़ुक स्थिति के बावजूद, वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था जर्जर अवस्था में है, जहाँ लाखों लोग अब भी तत्काल चिकित्सा और मानवीय ज़रूरतों का सामना कर रहे हैं.
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पोलियो को जड़ से मिटाने का संकल्प पूरा करने का समय, WHO
क़रीब 34 वर्ष पहले, एक संक्रामक घातक बीमारी, पोलियो की वजह से हर साल साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चे लकवे का शिकार हो जाते थे. मगर, संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में अन्तरराष्ट्रीय प्रयासों के फलस्वरूप अब यह संख्या घटकर 50 से भी कम हो गई है.
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सीरिया: धनराशि की भीषण क़िल्लत से स्वास्थ्य समेत अन्य बुनियादी सेवाएँ प्रभावित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चिन्ता जताई है कि सीरिया में फ़िलहाल केवल 58 प्रतिशत अस्पताल और 23 फ़ीसदी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ही पूर्ण रूप से देखभाल सेवाएँ उपलब्ध हैं. यूएन एजेंसी के अनुसार, बुनियादी सेवाओं के लिए धनराशि उपलब्ध नहीं है और इससे एक शान्तिपूर्ण भविष्य की आशाओं पर असर हो रहा है.
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ग़ाज़ा: वैक्सीन के दायरे से बाहर बच्चों के लिए, जीवनरक्षक मुहिम चलाने की तैयारी
ग़ाज़ा पट्टी में बच्चों के प्रतिरक्षण, पोषण व विकास को सुनिश्चित करने के इरादे से इस सप्ताह एक मुहिम की शुरुआत की जाएगी, जिसका लक्ष्य उन 44 हज़ार बच्चों तक ये सेवाएँ पहुँचाना है, जो हिंसक टकराव की वजह से इन सेवाओं से कट गए थे.